बिगाड़ न सकना  

बिगाड़ न सकना एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- अहित न कर पाना।

प्रयोग- बड़ी से बड़ी बुराई, बुरा से बुरा आदमी भी किसी का कुछ बिगाड़ नहीं सकता, अगर वह ख़ुद न चाहे। (गिरिधर गोपाल)

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=बिगाड़_न_सकना&oldid=625765" से लिया गया