किसी के लेखे  

किसी के लेखे एक प्रचलित लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है।

अर्थ- किसी के विचार या मत से।

प्रयोग- इनके लेखे तो उसके जैसा सत्यवादी कोई है ही नहीं। (शिवप्रसाद सिंह)


टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

कहावत लोकोक्ति मुहावरे वर्णमाला क्रमानुसार खोजें

                              अं                                                                                              क्ष    त्र    श्र

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://bharatdiscovery.org/bharatkosh/w/index.php?title=किसी_के_लेखे&oldid=625106" से लिया गया