चिरकारी  

चिरकारी हिन्दू पौराणिक ग्रंथ महाभारत के अनुसार अंगिरा के वंशज और महर्षि गौतम के पुत्र थे।[1]

  • चिकारी बड़ा बुद्धिमान था, और कर्तव्‍यों के पालन में कभी अपराध नहीं करता था।
  • चिरकाल तक जागता था और चिरकाल तक सोता था तथा चिर-विलम के बाद ही कार्य पूर्ण करता था, इसलिये सब लोग उसे चिरकारी कहने लगे थे।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत शब्दकोश |लेखक: एस. पी. परमहंस |प्रकाशक: दिल्ली पुस्तक सदन, दिल्ली |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 47 |
  2. महाभारत शान्ति पर्व |अनुवादक: साहित्याचार्य पण्डित रामनारायणदत्त शास्त्री पाण्डेय 'राम' |प्रकाशक: गीताप्रेस, गोरखपुर |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 5106 |

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