पुत्र व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।

(1) यह 'पुत्र कामव्रत' ही है।[1]

(2) प्रातः सूर्योदय के पूर्व स्नान करके पिप्पल (पीपल) के वृक्ष को स्पर्श करना, तिलपूर्ण घट का दान दिया जाता है।

  • सभी पाप कट जाते हैं।[2]

 

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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 2, 171-172);
  2. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 2, 883, भविष्योत्तरपुराण से उद्धरण) ।

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