रुद्रलक्षवर्ति व्रत  

  • भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है।
  • शिवलिंग के समक्ष गाय के घी में डुबोयी हुई रूई की बत्तियों से युक्त एक लाख दीपों का अर्पण करना चाहिए।
  • व्रत के पूर्व 16 उपचारों से लिंग पूजा करनी चाहिए।
  • व्रत का आरम्भ कार्तिक या माघ में, वैसाख या श्रावण में होता है और उसी मास में समाप्त होता है।
  • कर्ता को धन, पुत्र एवं कामनापूर्ति प्राप्त होती है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. स्मृतिकौस्तुभ (411-414

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